महाना बनो कुछ नाम करो

जो भाई भरत की चाह रखो,तो मर्यादित श्री राम बनोजो मान धर्म का रखना है,तोहरिश्चन्द्र सा महान बनो यदि दान की चाहत है दिल मे,तोसीख कर्ण से ले डालोयदि लगन सीखने की तुझमें तो,एकलव्य का तीर कमान बनो गंगा की निर्मल धारा बन,कल कल निनाद तो होने देमन पावन कर,धर …

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