शिव कृष्णा महिमा वर्णन

राधा रानी का आशीर्वाद श्रीकृष्ण चरण रज परमप्रसाद   आह्लादित मन वृंदावन बस सुरेंद्र नमन हरि:हर एक स्वास   धर्मेन्द्र धरण कर शिव महिमा गुंजन मन बोले नमः शिवाय   मुरुगणस्वामी या दामोदर मिले विघ्न हरण का शरण प्रसाद   हो शेषनाग व्यापि में मन रावणवधकर्ता में स्नेहिल अनुराग   …

अहं ब्रह्मास्मि – कर्म या धर्म

क्यों भटकते हो बाहर ,कभी खुद को तो जानो हे विधाता की रचना ,स्वयं को तो मानो   सुना है, अहं ब्रह्मास्मि ,शक्ति की पूरक हे शक्ति संचयकर्ता,रीति की नीति मानो   कृष्ण ने कर्म को ,धर्म से श्रेष्ठ बोला राम मर्यादित थे ,शब्द है ब्रह्म बोला   शब्द को …

लव जिहाद

लव जिहाद के विषय पर हिंदुस्तान की तथाकथित सेक्युलर लॉबी आजकल प्यार की प्रोफेसर बनी हुयी है … उनके हिसाब से … प्यार तो प्यार है ।। प्यार को आप जाति और धर्म के बंधनों में नहीं बांध सकते !! योगी का लव जिहाद पर यह कानून फासीवाद है , …

बुद्धं शरणम् गच्छामि

अरे जब भष्मीभूत होना तो फिर गुमान किये हैं क्यो   छोड़कर सब जाना तुझको तो फिर अभिमान किये है क्यों   लगाया तन पर चंदन है मगर मन मैल भरा पापी   भटक मंदिर मस्जिद या चर्च मिले भगवान तुझे फिर क्यों   दोहरी जीवन जीने में लगाए खूब …

नारी – एक जवलंत सोच

काश ! जाति और धर्म, छोड़कर मानवता की बातें होती   घर की लक्ष्मी होती सुरक्षित कोई बेबस बहन न रोती   कितने निर्लज्ज हुए हम हैं जो बलात्कार पर राजनीति है   सामान्य ,दलित में उलझे हम हैं क्यों न्याय पर होती नहीं बहस है   जब बहन निर्भया …

मुहब्बत ए मजहब

चलो हम मुहब्बत का मजहब बनायें अंधेरे घरों में भी दीपक जलाएं चलो हम मुहब्बत का मजहब बनाएं न काफिर हो कोई,विधर्मी कहे ना मनः भाव में कोई कटुता रहे ना रहे भाव वसुधा हो सम्पन्न मेरा विधाता की रचना ,नमन करके आयें चलो हम मुहब्बत का मजहब बनाएं हो …

राम मंदिर निर्माण

500 साल … बहुत संघर्ष रहा ….राम नाम को मिटाने की भरपूर कोशिश हुई …. राम मंदिर को विध्वंस करने वाले … टेंट से निकले हुये समुदाय की कोशिश तो बहुत थी … कि सब धूल धूसरित करने के बाद अब न राम बचेंगे और न राम का कोई नामलेवा …

बॉलीवुड कलाकारों के असली नाम

वक़्त वक़्त की बात है .. या कहें कि वक़्त का तकाज़ा या रवायत है … कि आज आमिर खान को उन लोगों से ही डर लग रहा है .. जिन्होने हमेशा उन्हें सर आँखों पर बैठाया … या यह कहें कि उन्हीं लोगों ने मोदी को देश का प्रधानमंत्री …

आजादी 26 मई 2014

लोग आज हिंदुस्तान की आज़ादी का जश्न मना रहे हैं … मनाना भी चाहिये … क्योंकि देश आज एक अर्से के बाद सफेद अंग्रेजों से एक खूनी बंटवारे के बाद आज़ाद हुआ था लोग भी जश्न मना रहे थे … शनै शनै पता चला … कि आजादी का फलसफा तो …

राजनीतिक उपनाम या उपाधि

सब आँखों की दृष्टि है या कुदृष्टि है …आज समझ आ रहा है कि ….पिछले 70 सालों में जिन-जिन लोगों को जो नाम व उपनाम या उपाधि .. कांग्रेस गवर्मेंट ने प्रदत्त किये … सब केवल छलावा था ….. हक़ीक़त व ईमानदारी से बहुत दूर ।। चंद उदहारण …ओरिजनल गाँधी …

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