लव जिहाद

लव जिहाद के विषय पर हिंदुस्तान की तथाकथित सेक्युलर लॉबी आजकल प्यार की प्रोफेसर बनी हुयी है …
उनके हिसाब से … प्यार तो प्यार है ।।

प्यार को आप जाति और धर्म के बंधनों में नहीं बांध सकते !!
योगी का लव जिहाद पर यह कानून फासीवाद है , सेक्युलरवाद पर तमाचा है …

तो भाई मियां … जब आपका बच्चा हाथों में कलावा बांध … किसी बच्ची को अपना नाम पिंटू या चिंटू बताये … तो क्या यह प्यार है ….जी नहीं … ।।

चलिये .. मियां आपकी बात भी मान लेते हैं कि अगर उसने बाद में उसको अपना असली नाम … फलाना अली बता भी दिया ….तो क्या ….

बच्ची को भी अली बनना जरूरी है ….
अरे प्यार के नॉटी प्रोफेसरों …

प्यार सिर्फ एक भावना है … एक अहसास है …
इस अहसास को पाने के लिये किसी भी प्रिया को फ़ातिमा बनने की जरूरत नही है …

असल बात नियत की है …

और मियां … हकीकत में तुम लोगों की नियत खराब ही नहीं हद से ज्यादा खराब है ।।

 

……………… ए यस पँवार

 

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