आगे बढ़ते जाना है | 

गिरगिट क्या, हमने तो इंसानो को रंग बदलते देखा है ,

आसमानो से लहराते बदलो को जाते देखा है |

 

पर तुमको आगे बढ़ते जान है क्यूंकि

हार की बाद हमने जीत को आते देखा है

 

बेरंगीन तस्वीरो के रंग हमने निकलते देखा है

और बेरंग तस्वीरो को रंगीन भी होते देखा है

 

पर तुमको आगे बढ़ते जाना है

बंजर जमी पे हमने हरियाली को देखा है

 

 शान्त समुन्दर में तूफ़ान भी आते देखा है

आये हो दुनिया में तो जाना भी है

 

प्रकति के नियम को दोहराना भी है,

पर तुमको बढ़ते जाना है |

 

कुछ अपने जाएंगे, कुछ पराये आएंगे

पर रुकना नहीं है तुमको आगे बढ़ते जाना है

|| अमित शर्मा ||

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