आजादी 26 मई 2014

लोग आज हिंदुस्तान की आज़ादी का जश्न मना रहे हैं … मनाना भी चाहिये … क्योंकि देश आज एक अर्से के बाद सफेद अंग्रेजों से एक खूनी बंटवारे के बाद आज़ाद हुआ था लोग भी जश्न मना रहे थे … शनै शनै पता चला … कि आजादी का फलसफा तो …

राजनीतिक उपनाम या उपाधि

सब आँखों की दृष्टि है या कुदृष्टि है …आज समझ आ रहा है कि ….पिछले 70 सालों में जिन-जिन लोगों को जो नाम व उपनाम या उपाधि .. कांग्रेस गवर्मेंट ने प्रदत्त किये … सब केवल छलावा था ….. हक़ीक़त व ईमानदारी से बहुत दूर ।। चंद उदहारण …ओरिजनल गाँधी …

महाना बनो कुछ नाम करो

जो भाई भरत की चाह रखो,तो मर्यादित श्री राम बनोजो मान धर्म का रखना है,तोहरिश्चन्द्र सा महान बनो यदि दान की चाहत है दिल मे,तोसीख कर्ण से ले डालोयदि लगन सीखने की तुझमें तो,एकलव्य का तीर कमान बनो गंगा की निर्मल धारा बन,कल कल निनाद तो होने देमन पावन कर,धर …

सत्यमेंव जयते

सत्य परेशां हो सकता हैपर कभी पराजित हो भी क्योंसत्य सताया जा सकता हैपर कभी हार ये माने क्यों सत्य में है स्वावलंबनसत्य में ही ब्रह्म हैसत्य में गौरव छिपा हैसत्य में अवलंब है सत्य में ही न्याय हैसत्य ही सर्वस्व धनसत्य स्वयम्भू ब्रह्म निर्मितसत्य रखता स्वस्थ मन सत्य वीर …

निर्गुण भजन – चिंता चिता समान

निर्गुण भजन हे साधो चिंता चिता समान हे साधो चिंता चिता समान राम नाम का सुमिरन कर ले त्यागहु तम अभिमान हे साधो चिंता चिता समान पंचतत्व मिली बनी है शरीरा जा पर तोहे गुमान, रे साधो जा पर तोहे गुमान चार जनि तोहे पहुंचा दैंहिमरते ही शमशान हे साधो …

वेदना – एक विनम्र श्रद्धांजलि

यूं लगा मानोसहस्त्रों युग बीत गएआंखें पथरा गई हैंअश्रु धार सुख गएपुनः जन्म इस कुटुंब में हो आश कर मन शांत हैपर हृदय की वेदना मेदेख ले ये टूट गई हैउम्मीदें अब छूट गई हैं   किस को बोलें मौन हूं बसदेख ले आ दिल की धड़कनवो तेरा बचपन , …

मातृभूमि, गद्दार और आमिर

जिस मातृभूमि का अन्न खाया आमिरवही देश उसका गैर हो गयाबहत्तर हूरों की चाह रखता है गद्दारऔर घर में ही पहली बीबी से बैर हो गया डर उस काफिर को लगता है वहाँजहाँ इंसानियत आज तक जिंदा हैपर तुर्की जैसे देश से है प्यार उसकोऔर बेहूदा हिंदुस्तान पर शर्मिंदा है …

मैं हिंदुस्तानी हूँ

साहब! मैं हिंदुस्तानी हूँमुझे हिंदुस्तान में डर नहीं लगता हैस्वतंत्र हूँ विचारोक्ति मेंमानव मानव में फर्क नहीं लगता है पर डरता हूँ उन गद्दारो सेजिन्हें सीरिया ,तुर्की में शान्ति नज़र आती हैकोई शायर,कोई अभिनेता,कोई उपराष्ट्रपति बनाजिन्हें सराहा ,उनकी सहिष्णुता जेहादी नज़र आती है पाल घर के संतों पर मौन मुख …

भगवत गीता – एक प्रेरणा

यदि कर्म ज्ञान चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये यदि धर्म ज्ञान चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये जीवन को जीने का मकसद मिल जाएगा यदि मर्म ज्ञान चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये    यदि आत्म बल चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये परमात्म बल चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये वेदों का सार …

Back to Top