मातृभूमि, गद्दार और आमिर

जिस मातृभूमि का अन्न खाया आमिरवही देश उसका गैर हो गयाबहत्तर हूरों की चाह रखता है गद्दारऔर घर में ही पहली बीबी से बैर हो गया डर उस काफिर को लगता है वहाँजहाँ इंसानियत आज तक जिंदा हैपर तुर्की जैसे देश से है प्यार उसकोऔर बेहूदा हिंदुस्तान पर शर्मिंदा है …

मैं हिंदुस्तानी हूँ

साहब! मैं हिंदुस्तानी हूँमुझे हिंदुस्तान में डर नहीं लगता हैस्वतंत्र हूँ विचारोक्ति मेंमानव मानव में फर्क नहीं लगता है पर डरता हूँ उन गद्दारो सेजिन्हें सीरिया ,तुर्की में शान्ति नज़र आती हैकोई शायर,कोई अभिनेता,कोई उपराष्ट्रपति बनाजिन्हें सराहा ,उनकी सहिष्णुता जेहादी नज़र आती है पाल घर के संतों पर मौन मुख …

भगवत गीता – एक प्रेरणा

यदि कर्म ज्ञान चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये यदि धर्म ज्ञान चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये जीवन को जीने का मकसद मिल जाएगा यदि मर्म ज्ञान चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये    यदि आत्म बल चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये परमात्म बल चाहिए तो गीता पढ़ लीजिये वेदों का सार …

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