शिव कृष्णा महिमा वर्णन

राधा रानी का आशीर्वाद

श्रीकृष्ण चरण रज परमप्रसाद

 

आह्लादित मन वृंदावन बस

सुरेंद्र नमन हरि:हर एक स्वास

 

धर्मेन्द्र धरण कर शिव महिमा

गुंजन मन बोले नमः शिवाय

 

मुरुगणस्वामी या दामोदर

मिले विघ्न हरण का शरण प्रसाद

 

हो शेषनाग व्यापि में मन

रावणवधकर्ता में स्नेहिल अनुराग

 

वंशी कदम्ब बीच धुन छेड़ा

हे श्याममूर्ति तुझमे हो राग

 

बुद्धत्व भाव अनुरागी हो

साहस अदम्य की है दरकार

 

वंचित शोषित बीच कर्म रहे

हो धर्म ,भाव अरु सतत प्यार

 

प्रणाम।।

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